Wednesday, 02 September 2026My WordPress Blog
My Blog
BREAKING
देश

यूपी के गन्ना किसानों को ₹3.25 लाख करोड़ का भुगतान, मौजूदा सीजन में 94% से अधिक बकाया चुकाया गया

By admin · August 26, 2026 · Updated August 26, 2026 · 👁 4 Views
ADVERTISEMENT

उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों को अब तक करीब ₹3.25 लाख करोड़ का गन्ना मूल्य भुगतान किया जा चुका है। गन्ना मूल्य भुगतान के मामले में प्रदेश को देश में अग्रणी बताया गया है। मौजूदा पेराई सत्र में भी किसानों के 94 प्रतिशत से अधिक बकाये का भुगतान किया जा चुका है। विभाग के मुताबिक, राज्य की 99 चीनी मिलें गन्ना मूल्य का 100 प्रतिशत भुगतान पूरा कर चुकी हैं।

गन्ना विकास विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले नौ वर्षों में प्रदेश की चीनी मिलों ने लगभग 9,220 लाख टन गन्ने की पेराई की। इस दौरान करीब 968.58 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ। वर्ष 2016-17 से 2025-26 के बीच प्रदेश में गन्ने का उत्पादन 1,486.57 लाख टन से बढ़कर 2,362 लाख टन हो गया। वहीं, इसी अवधि में चीनी उत्पादन 87.73 लाख टन से बढ़कर 89.52 लाख टन दर्ज किया गया।

गन्ने की उत्पादकता में भी लगातार सुधार दर्ज किया गया है। वर्ष 2016-17 में जहां औसत उत्पादकता 72.38 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर थी, वहीं 2025-26 में यह बढ़कर 82.56 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर हो गई। यानी प्रति हेक्टेयर औसत उत्पादकता में 10.18 मीट्रिक टन की बढ़ोतरी हुई। इसी दौरान चीनी की औसत रिकवरी दर भी 10.61 प्रतिशत से बढ़कर 10.83 प्रतिशत हो गई।

प्रदेश में गन्ना पेराई की क्षमता बढ़ाने के लिए भी कई कदम उठाए गए। राज्य में चार नई चीनी मिलें स्थापित की गईं, जबकि सात बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा शुरू किया गया। इसके अलावा 44 चीनी मिलों की पेराई क्षमता का विस्तार किया गया। इन प्रयासों से प्रदेश में कुल 1,28,500 टीसीडी अतिरिक्त पेराई क्षमता विकसित हुई।

खांडसारी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए ऑनलाइन लाइसेंसिंग व्यवस्था सहित कई नीतिगत सुविधाएं लागू की गईं। विभाग के अनुसार, इन पहलों के बाद राज्य में 285 नई खांडसारी इकाइयां स्थापित हुई हैं। इन इकाइयों से करीब 41,900 लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की जानकारी दी गई है।

विभाग ने उत्तर प्रदेश को गन्ना, शीरा और इथेनॉल उत्पादन के क्षेत्र में भी देश में शीर्ष स्थान पर बताया है। भुगतान, उत्पादन, उत्पादकता और प्रसंस्करण क्षमता में हुई वृद्धि को प्रदेश के गन्ना क्षेत्र में पिछले वर्षों के दौरान हुए विस्तार और बदलाव का प्रमुख संकेत माना जा रहा है।

admin

Editor / Author
📰 101 Articles👁 417 Views

Related News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *