देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रविवार को उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और बिहार समेत 26 राज्यों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने कुछ क्षेत्रों में 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में अगले चार दिनों तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
जम्मू-कश्मीर में शुक्रवार से हो रही बारिश के कारण कई स्थानों पर परेशानी बढ़ गई है। हिमकोटि क्षेत्र में पत्थर गिरने के चलते माता वैष्णो देवी यात्रा का बैटरी कार मार्ग कुछ समय के लिए प्रभावित रहा।
उत्तराखंड में तीन मौसम प्रणालियों का असर
उत्तराखंड में बिगड़ते मौसम के पीछे एक साथ सक्रिय तीन प्रमुख मौसम प्रणालियों को जिम्मेदार माना जा रहा है। देहरादून मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उत्तरी ओडिशा तट के पास बना निम्न दबाव का क्षेत्र, अमृतसर से होकर गुजर रही मानसून टर्फ और उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ एक साथ प्रभावी हैं।
इन तीनों प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से उत्तराखंड में बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है।
पहाड़ों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा
लगातार बारिश के बीच पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने नदियों, नालों और जलधाराओं के जलस्तर में अचानक वृद्धि की आशंका जताते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। हिमाचल प्रदेश में भी अगले चार दिनों तक भारी बारिश की संभावना को देखते हुए स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
बिहार और झारखंड में तेज हवाओं के साथ बारिश
पूर्वी भारत के कई राज्यों में भी मौसम का असर देखने को मिल रहा है। बिहार के बक्सर, पटना, गोपालगंज और भोजपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
वहीं, झारखंड में 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की गति से आंधी चलने का अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिम बंगाल और ओडिशा के कई हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है।
मध्य प्रदेश में जलभराव से बढ़ी परेशानी
मध्य प्रदेश के सतना और रीवा समेत कुछ जिलों में भारी बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बनी हुई है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य तेज किए गए हैं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने, पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने और जरूरत के अनुसार एनडीआरएफ की टीमों के माध्यम से बचाव अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं।
राजस्थान में फिलहाल मानसून सुस्त
राजस्थान में फिलहाल मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ती दिखाई दे रही हैं। बीकानेर, जोधपुर, जयपुर और कोटा संभाग समेत राज्य के अधिकांश हिस्सों में अगले एक सप्ताह तक मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है।
हालांकि पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में हल्की बारिश या बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 3 और 4 सितंबर से पूर्वी तथा उत्तरी राजस्थान में एक बार फिर बारिश का दौर सक्रिय होने की संभावना है।
26 राज्यों में मौसम को लेकर अलर्ट
मौसम विभाग के अलर्ट के बाद उत्तर भारत से लेकर पूर्वी और मध्य भारत तक कई राज्यों में प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत है। पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बना हुआ है, जबकि मैदानी इलाकों में जलभराव और तेज हवाओं से परेशानी बढ़ सकती है।


