Wednesday, 02 September 2026My WordPress Blog
My Blog
BREAKING
विदेश

इमरान खान की पार्टी पर हमले का आरोप, रावलपिंडी में 6 महीने के लिए सेना तैनात

By admin · August 23, 2026 · Updated August 23, 2026 · 👁 1 Views
इमरान-खान-की-पार्टी-पर-हमले-का-आरोप,-रावलपिंडी-में-6-महीने-के-लिए-सेना-तैनात
ADVERTISEMENT

पाकिस्तान सरकार ने पंजाब गृह विभाग की सिफारिश पर रावलपिंडी में अगले छह महीनों के लिए सेना तैनात करने को मंजूरी दे दी है। यह फैसला शहर में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने और किसी भी संभावित अप्रिय घटना से निपटने के लिए संविधान के अनुच्छेद 245 के तहत लिया गया है।

गृह एवं मादक द्रव्य नियंत्रण मंत्रालय की तरफ से जारी आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार, पाकिस्तान सेना की तीन कंपनियों को रावलपिंडी में “संवेदनशील सुरक्षा कर्तव्यों” के लिए तैनात किया गया है।

क्यों पड़ी सेना की जरूरत?
यह कदम हाल ही में रावलपिंडी में हुए एक सुरक्षा घटनाक्रम के बाद उठाया गया है।

पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) से कथित रूप से जुड़े एक व्यक्ति ने रावलपिंडी में सुरक्षा बलों पर अंधाधुंध गोलीबारी कर दी थी। जवाबी कार्रवाई में वह हमलावर मारा गया।

सरकारी चैनल PTV न्यूज ने सुरक्षा सूत्रों के हवाले से बताया कि मृतक हमलावर खैबर जिले का निवासी था और पीटीआई का सक्रिय कार्यकर्ता था। उसके पास से पार्टी का झंडा, हथियार और गोलियां बरामद हुई थीं।

हालांकि, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने इस घटना से किसी भी तरह के संबंध से साफ इनकार किया है। पार्टी का कहना है कि उनका आतंकवाद से कोई लेना-देना नहीं है और सरकार जानबूझकर उन्हें इस हमले से जोड़ने की कोशिश कर रही है।

इमरान खान की रिहाई को लेकर क्यों मचा बवाल?
पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई और स्वास्थ्य को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद तेज राजनीतिक बवाल खड़ा हो गया है, जिसमें पीटीआई ने सरकार पर कोर्ट आदेश का पालन न करने का आरोप लगाया है और 27 सितंबर को देशभर में मार्च की चेतावनी दी है।

18 अगस्त 2026 को पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान को 48 घंटे के भीतर रावलपिंडी की अदियाला जेल से इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल में शिफ्ट करने का आदेश दिया था, और 16 सितंबर तक उन्हें अस्पताल में रखने का निर्देश दिया था।

21 अगस्त को पीटीआई ने आरोप लगाया कि सरकार ने कोर्ट आदेश का पालन नहीं किया और इमरान को निजी अस्पताल के बजाय सरकारी अस्पताल में चेकअप कराकर वापस जेल भेज दिया गया।

रावलपिंडी का रणनीतिक महत्व
रावलपिंडी में सेना की तैनाती इसलिए भी बेहद संवेदनशील मानी जा रही है क्योंकि यहीं पर पाकिस्तान सेना का मुख्यालय (GHQ) स्थित है। यह शहर देश का सबसे प्रमुख सैन्य और प्रशासनिक केंद्र है।

नोटिफिकेशन में साफ किया गया है कि किसी भी आपात या अनपेक्षित स्थिति में जिला प्रशासन की मदद के लिए सेना अगले छह महीने तक तैनात रहेगी।

admin

Editor / Author
📰 101 Articles👁 75 Views

Related News